ब्रेकिंग
बिलासपुर: पावर लिफ्टर निसार अहमद एवं अख्तर खान रविंद्र सिंह के हाथों हुए सम्मानित बिलासपुर: भाजपा पार्षद दल ने पुलिस ग्राउण्ड में जिला प्रशासन से रावण दहन की मांगी अनुमति बिलासपुर तहसीलदार अतुल वैष्णव का सक्ति और ऋचा सिंह का रायगढ़ हुआ ट्रांसफर बिलासपुर: आरोपी अमित भारते, जितेंद्र मिश्रा और संदीप मिश्रा को नहीं पकड़ पा रही है SSP पारूल माथुर की... बिलासपुर: कलेक्टर सौरभ कुमार ने सरकार हित में सरकारी जमीन बचाने वाले अधिवक्ता प्रकाश सिंह के साथ किय... बिलासपुर: उस्लापुर के रॉयल पार्क में नजर आएगी गरबा की धूम, थिरकने के लिए तैयार हैं शहरवासी बिलासपुर: कार्य की धीमी गति पर कंपनी के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी की जानी चाहिए थी कार्यवाही, स... बिलासपुर: महादेव और रेड्डी अन्ना बुक के सटोरियों पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही बिलासपुर: जूनी लाइन स्थित सुरुचि रेस्टोरेंट के पास रहने वाले कृष्ण कुमार वर्मा के बड़े बेटे श्रीकांत ... बिलासपुर में UP65/ EC- 4488 नँबर की कार से जब्त हुए 5 लाख नकद

मंत्री और पुलिस को जनाक्रोश से बचाने के लिए भाजपा रच रही साजिश : विजय

बिलासपुर। जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कलेक्टर द्वारा जांच घोषणा का खंडन किया है। विजय ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच के नाम पर भाजपा जनता की आंखों में धूल झोकना चाहती है। यह आदेश पूर्वाग्रह से ग्रसित है। स्थानीय मंत्री अमर अग्रवाल और पुलिस प्रशासन को जनता के क्रोध से बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। दोनों पक्षों का बराबर आंकलन न करके केवल एक पक्षीय जांच की घोषणा की गई है। यह स्पष्ट, जांच की प्रमुख बिंदु करते हैं। कांग्रेस पार्टी इसे अस्वीकार करती करती है।
                             विजय केशरवानी ने बताया है कि जांच आदेश के प्रथम बिंदु उल्लेखित है कि क्या जिला शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा धरना प्रदर्शन की विधिवत अनुमति ली गयी थी ? एवं क्या वहां पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था थी ? विजय ने कहा कि इस जांच आदेश प्रथम पंक्ति में लिखा है कि दिनांक 18 सितंबर को जिला शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा मंत्री अमर के निजी आवास का घेराव कार्यक्रम निर्धारित था। प्रदर्शन समय पुलिस बल की वहां भारी मौजूदगी, बेरिकेटिंग तथा दंडाधिकारी की उपस्थिति से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी थी। तीसरा पक्ष है भीड़ ने किन परिस्थितियों में अनियंत्रित हो कर घटना को अंजाम दिया? पर प्रदर्शन स्थल पर भीड़ नही अपितु कांग्रेस के कार्यकर्ता थे जो शांतिपूर्वक मंत्री अमर अग्रवाल के बयान  “कांग्रेसी शहर के कचरा हैं” का प्रतीकात्मक विरोध कर रहे थे।
जिलाध्यक्ष विजय ने बताया कि पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा भाजपा नेताओं के निर्देशों का पालन करते हुए कांग्रेस भवन में घुसकर वहां कीर्तन कर रहे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर अंधाधुंध लाठी बरसाई गई। बुजुर्ग, महिला किसी को भी नहीं बख्शा गया। लगातार लाठियों की ताबड़तोड़ पिटाई से कांग्रेस के सदस्यों को गंभीर चोट आई है। इसका जिम्मेदार कौन है ? जबकि मुख्यमंत्री निर्देशानुसार कलेक्टर ने केवल और केवल खानापूर्ति करने के लिए यह निर्देश जारी कर दिया है। कांग्रेस कमेटी इस जांच कमेटी को सिरे से खारिज करती है। और मांग करती है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में कराई जाए और दोषी अधिकारियों तत्काल दंडित किया जाए।
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9977679772