ब्रेकिंग
बिलासपुर: जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा को प्रदेश युवा संगठन चुनाव में मिली नई जिम्मेदारी बिलासपुर: मुख्यमंत्री जी! क्लेक्टर सौरभ कुमार को इस सड़क में हुआ भ्रष्टाचार नहीं आ रहा नजर. प्रियंका ... बिलासपुर: टिकरापारा मन्नू चौक निवासी रिशु घोरे को पुलिस ने चाकू के साथ किया गिरफ्तार बिलासपुर: पावर लिफ्टर निसार अहमद एवं अख्तर खान रविंद्र सिंह के हाथों हुए सम्मानित बिलासपुर: भाजपा पार्षद दल ने पुलिस ग्राउण्ड में जिला प्रशासन से रावण दहन की मांगी अनुमति बिलासपुर तहसीलदार अतुल वैष्णव का सक्ति और ऋचा सिंह का रायगढ़ हुआ ट्रांसफर बिलासपुर: आरोपी अमित भारते, जितेंद्र मिश्रा और संदीप मिश्रा को नहीं पकड़ पा रही है SSP पारूल माथुर की... बिलासपुर: कलेक्टर सौरभ कुमार ने सरकार हित में सरकारी जमीन बचाने वाले अधिवक्ता प्रकाश सिंह के साथ किय... बिलासपुर: उस्लापुर के रॉयल पार्क में नजर आएगी गरबा की धूम, थिरकने के लिए तैयार हैं शहरवासी बिलासपुर: कार्य की धीमी गति पर कंपनी के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी की जानी चाहिए थी कार्यवाही, स...

भू-माफिया और कोल माफिया पर लगाम कसने में क्यों नाकाम हो रहें हैं कलेक्टर

बिलासपुर। जिला बिलासपुर कलेक्टर समय-समय पर टीएल मीटिंग लेते हैं। बैठक में राजस्व विभाग व खनिज विभाग के आला अधिकारियों को कई मामलों पर फटकार भी लगाते हैं। बावजूद इसके जिले में भू-माफिया और कोल माफियाओं का दबदबा बढ़ता जा रहा है। बिलासपुर जिला छत्तीसगढ़ के प्रमुख जिलों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां तमाम आला दर्जे के अधिकारियों की पदस्थापना है। इसके बावजूद अवैध कार्यों पर कोई अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। 

यहां उल्लेखनीय है कि न्यूज़ हब इनसाइट द्वारा पूर्व में ही बिल्हा क्षेत्र के मोहदा एवं बोड़सरा गांव में स्थित वैध कोल डिपो में कोयला के काला कारोबार के विषय में रिपोर्ट प्रकाशित की थी। किस तरह दोनों कोल डिपों में रात ट्रेलर और हाइवा की आवाजाही शुरू हो जाती है। कोल डिपो में कोयला मिक्सिंग खेल चलने लगता है फिर यहां पर वैध कोल डिपों में कोयले का अवैध कारोबार जोरो से चलने लगता है।सुबह सब कुछ सामान्य ढंग से चलने का दिखावा किया जाता है।

इसके बाद एसपी बिलासपुर द्वारा इस मामले में मोहदा में रेड कार्रवाई की गई थी। तब 50 टन कोयला जब्त किया गया था उम्मीद से कई कम इसके बाद मामूली कार्रवाई से डिपो संचालक को छोड़ दिया गया है। अब हालात फिर वही हैं। ग्रामीणों का कहना है कोल डिपों के कारण डिपो से उड़ने वाला डस्ट गांव के किसानों के खेतों एवं घरों में पड़ता है। जिससे मौसमी फसल बर्बाद हो रही है पर कोल डिपों संचालक के रसूख से स्थानीय प्रशासन यहां कार्यवाही करने से परहेज करता है।

वहीं बात अगर जिला बिलासपुर में बढ़ते भू-माफियाओं की हो तो यहां भूमाफियाओं की मौज ही मौज है। क्योंकि राजस्व विभाग के आलमात अधिकारी ही उनका सहयोग कर रहे हैं। विशेषकर यह आलम बेलतरा विधानसभा अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांव में देखने को विशेषकर मिलता है, जहां बड़े-बड़े जमीन दलाल करोड़ों कमा रहे हैं। वहीं अवैध कॉलोनाइजर की भी इन जगहों पर मौज हो गई है। बड़े-बड़े अपार्टमेंट बन रहे हैं तो कहीं जमीन पर कब्जा कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवा लिया जाता है। इस तरह पूरा काम फर्जीवाड़े में हो रहा है।

इस मामले में एक खबर शहर के एक प्रतिष्ठित वेब पोर्टल पर आई थी। पूरा मामला लिंगियाडीह का है। बताया गया कि यहां के खसरा नम्बर 198/577 को पटवारियों एवं तहसीलदारों और राजस्व निरीक्षकों ने मिलकर खा लिया। राजस्व अधिकारियों ने जमीन का मौजा बदल सड़क पार सरकारी जमीन में स्थापित दिया। इस तरह बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला का खेल चलता रहा। उल्लेखनीय है कि इस पूरे घोटाले में तात्कालीन तहसीलदार व इसी मामले की जांच करने वाले राजस्व निरीक्षक, पटवारी और जिला सहकारी संस्था के उच्च अधिकारी भी शामिल हैं। इस तरह जब इस टीम ने रिपोर्ट पेश की तो पूरी रिपोर्ट को असत्यापित माना जा सकता है, क्योंकि चोर ही चोरी की पैरवी कर रहा था, तो भला वह कैसे अपने आप को इस मामले से बचाता।

इस तरह कलेक्टर को इस मामले में विशेष रूचि लेकर भूमाफियाओं और कोल माफियाओं की अवैध क्रिया पर अंकुश लगाना चाहिए ताकि जिला प्रशासन की छवि पर दाग ना लगने पाए। भूमाफियाओं और कोल माफियाओं के बढ़ते दबदबा से ऐसा ही लग रहा है। कि जिले के उच्च अधिकारी व कद्दावर नेता भी इनसे हार चुके हैं, बहरहाल यह स्थिति प्रशासन के लचर रवैया और भू-माफियाओं के प्रति उनकी दरियादिली को जाहिर करता है। यह संदेहजनक है, पर लोगों को यही सत्य लगेगा इसलिए प्रशासन को विशेष रुप से इस मामले में कदम उठाने चाहिए।

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9977679772