ब्रेकिंग
बिलासपुर: जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा को प्रदेश युवा संगठन चुनाव में मिली नई जिम्मेदारी बिलासपुर: मुख्यमंत्री जी! क्लेक्टर सौरभ कुमार को इस सड़क में हुआ भ्रष्टाचार नहीं आ रहा नजर. प्रियंका ... बिलासपुर: टिकरापारा मन्नू चौक निवासी रिशु घोरे को पुलिस ने चाकू के साथ किया गिरफ्तार बिलासपुर: पावर लिफ्टर निसार अहमद एवं अख्तर खान रविंद्र सिंह के हाथों हुए सम्मानित बिलासपुर: भाजपा पार्षद दल ने पुलिस ग्राउण्ड में जिला प्रशासन से रावण दहन की मांगी अनुमति बिलासपुर तहसीलदार अतुल वैष्णव का सक्ति और ऋचा सिंह का रायगढ़ हुआ ट्रांसफर बिलासपुर: आरोपी अमित भारते, जितेंद्र मिश्रा और संदीप मिश्रा को नहीं पकड़ पा रही है SSP पारूल माथुर की... बिलासपुर: कलेक्टर सौरभ कुमार ने सरकार हित में सरकारी जमीन बचाने वाले अधिवक्ता प्रकाश सिंह के साथ किय... बिलासपुर: उस्लापुर के रॉयल पार्क में नजर आएगी गरबा की धूम, थिरकने के लिए तैयार हैं शहरवासी बिलासपुर: कार्य की धीमी गति पर कंपनी के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी की जानी चाहिए थी कार्यवाही, स...

केंद्रीय जेल : आठवीं पास उम्रकैदी का एक पत्र सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, सीएम से मांगी थी 50 करोड़ की फिरौती

बिलासपुर। केंद्रीय जेल का एक लेटर ओडिशा पहुंचा था, पर यहां हालात तब कांप गये थे जब यह लेटर ओडिशा में ब्लास्ट हो गया था। पुलिस के सुरक्षा महकमे को इस घटना ने दहशत में डाल दिया। दोनों राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा झटका लगा। वहीं जेल प्रशासन अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए आरोपी के खिलाफ एफआईआर प्रकरण में लीपापोती की तैयारी भी शुरू कर दी है। अब इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि जेल प्रबंधन के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों और कैदियों की सुरक्षा के प्रति कितने संवेदनशील हैं।
उल्लेखनीय है कि इस पत्र में उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को धमकी देकर 50 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। इस लेटर का संबंध बिलासपुर के केंद्रीय जेल से है। जेल से सजायाफ्ता कैदी इस तरह की वैधानिक प्रक्रिया के विपरीत पत्र लिखते हैं। बहरहाल ऐसे पत्र अलग-अलग 5 बार भेज चुके हैं। जिसमें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से लेकर मानव अधिकार आयोग व अन्य शामिल हैं। हर बार खतों की जांच कराई गई फिर भी जल प्रबंधन इस मामले में उदासीन है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
हमने जब इस मामले में डीजी जेल नायक से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यहां का कुख्यात कैदी पुष्पेंद्र चौहान, जो 25 जुलाई 2009 से केंद्रीय जेल में बंद है। दो मामलों में आजीवन कारावास के साथ अन्य धाराओं के तहत 30 मार्च 2014 को अलग-अलग सजा सुनाई गई थी। पुष्पेंद्र ने स्वीकार किया है कि धमकी भरा पत्र उसी ने लिखा है, पुलिस ने बताया कि उसे जेल में कैद करके रखा गया है और सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही है।
इस मामले में बताया गया कि कैदी ने पेशी के दौरान खत लिखा है। पहला खत 15 मार्च 2017 दूसरा खत 24 मार्च 2017 तीसरा खत 29 जुलाई 2017 और फिर 28 अगस्त 2017 को लिखा गया था। प्रबंधन ने बताया कि यह सब कैदी ने जेल मैन्युअल के विरुद्ध जाकर लिखा है। जिसमें उसने जेल की अवस्थाओं के साथ ही अपनी समस्याओं को लेकर बात कही है। जबकि पहली बार उसने फिरौती की मांग करते हुए धमकी भरा खत लिखा है। वहीं दोषी पुष्पेंद्र आठवीं तक की शिक्षा ग्रहण किया है, लेकिन उसने जो ख़त लिखे हैं वह अंग्रेजी में हैं इससे पहले भी वह अंग्रेजी के साथ ही हिंदी में लिख चुका है। अब यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आठवीं पास कैदी की लेखन शैली वास्तुशिल्पी की जांच जेल प्रबंधन द्वारा क्यों नहीं कराई गई। यह सीधे-सीधे दुर्घटना का आमंत्रण सामने देखकर आंखें मुंदने के बराबर है।
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9977679772