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आंदोलन करने कर्मचारियों को बाध्य कर रही सरकार : रोहित

बिलासपुर/लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ प्रदेश महामंत्री रोहित तिवारी ने कहा है कि केबिनेट की बैठक के पूर्व उनके संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने दो दिवसीय निश्चित कालीन हड़ताल करके शासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। इसके बावजूद भी शासन की हटधर्मिता ने हमें अब मजबूर कर दिया है, हम आर पार की लड़ाई अनिश्चित कालीन हड़ताल करेंगे। उन्होने बताया कि 15 अगस्त तक यदि मांगों पर सकरात्मक पहल नहीं होती तो अनिश्चितकालीन आंदोलन का शंखनाद होगा। पूरे प्रदेशभर के लिपिक कामकाज ठप्प करके अनिश्चित कालीन आंदोलन में कूद जाएंगे।
उन्होंने कहा है कि केबिनेट बैठक में कर्मचारी वर्ग के मुद्दो की अनदेखी से वर्ग नाराज़ है। कर्मचारी संघों को सरकार आंदोलन के लिए उकसा रही है। कर्मचारियों के पास उग्र आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नही बचा है। सरकार द्वारा अपने असंवेदनशील रवैये के प्रमाण दिया जा रहा है। महामंत्री रोहित ने आगे बताया कि अब कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनने बाध्य होना पड़ रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
रमन सिंह की सरकार की केबिनेट की बैठक के सम्बंध में प्रतिक्रया जाहिर करते हुए छग प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री रोहित तिवारी ने बताया कि मंगलवार की केबिनेट की बैठक में कर्मचारी वर्ग को उम्मीद थी की लिपिक वेतन विसंगति, चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान, सातवें वेतन का एरियस, मंहगाई भत्ता एवं ग्रह भाड़ा, भत्ता पुनरीक्षित करने के सम्बन्ध में चर्चा एवं निर्णय होगा परंतु रमन केबिनेट ने कर्मचारियों को निराश कर दिया है। 
   
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