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आईबीओएफ ने किया सरकार के फ़ैसले के विरोध में बायकॉट का निर्णय…

बिलासपुर। सरकार द्वारा बैंकों के प्रति आधार कार्ड नामांकन व आधार कार्ड बनाने के फ़ैसले को एकपक्षीय बताते हुए ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन नकार दिया गया है। बैंकर्स कन्फेडरेशन ने इस निर्णय पर अपना विरोध जताया है, साथ ही निर्देश के विरोध में वित्त सचिव, रिजर्व बैंक व आईबीए को पत्र लिखकर बायकॉट करने की चेतावनी दी है।
                                             आईबीओएफ के सदस्यों ने इस विषय कार्य नहीं करने की सहमति प्रस्तुत की है, साथ ही पत्र में यह सुझाव दिया है कि यह कार्य पीएसबी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों को दिया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने आईबोक की 88 वीं एक्जीक्यूटिव कमेटी बैठक के सर्वसम्मति निर्णय के अनुरूप उनके सभी सदस्यों द्वारा एकतरफा थोपे गये निर्णय के विरुध्द बायकॉट करने की भी बात रखी है। 
             इस पत्र में उल्लेखित किया गया है कि सरकार द्वारा बैंकर्स को आधार नामांकन सुधार की जिम्मेदारी जबरन सौंपी जा रही है, इस विषय पर संयुक्त रूप से चर्चा के लिए बैंकर्स कन्फेडरेशन द्वारा मीटिंग की गयी। साथ ही इस दौरान पहले परिपत्रों का साक्ष्य भी प्रस्तुत किया है। कन्फेडरेशन ने इसे गैर-बैंकिंग गतिविधि करार दिया है। 88 वें में 10 मई को पोर्ट ब्लेयर में आयोजित आईबीओए की कार्यकारी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से सरकार के इस निर्णय पर जोर दिये जाने का विरोध करने का फैसला किया गया।
     
                    कन्फेडरेशन द्वारा यह कहा गया है कि अधिकांश पीएसबी वर्तमान में एक सख्त यात्रा के माध्यम से गुजर रहे हैं साथ ही एनपीए में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण उद्योग जिनमें विशेष रूप से निगम, आरबीआई द्वारा निर्धारित त्वरित सुधारक कार्रवाइयों का नकारात्मक प्रभाव पड़ना, कई बैंकों द्वारा अनुभवी व्यावसायिक विकास की कमियों को गंभीरता से ना लेना, इन सब के साथ-साथ सभी बैंकों में जनशक्ति की कमी, वित्तीय बोझ, कंसाइनमेंट, बेहतर इन्फ्रा-स्ट्रक्चर और स्पेस का ना होना और भी प्रमुख मुद्दों को रखा गया है। सरकार के इस फ़ैसले को उन्होंने बैंक अधिकारियों के समुदाय के लिए निरर्थक व अपमानजनक बताते हुए बायकॉट करने कार्यकारी समिति ने सर्वसम्मति से कॉल करने का फैसला किया है आईबोक से बैंकर्स कन्फेडरेशन ने आवश्यक दिशा निर्देश देने व अन्य सहयोग की मांग की है। 
 
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