छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने सौंपा ज्ञापन…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा आज भोजनावकाश में में भोजनावकाश में हड़ताल का आव्हान कर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिनमें वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर कर करने व अन्य कई मुख्य मुद्दों को मिलाकर 8,9 सूत्रीय मांग रखी गयी है।
इस दौरान संघ ने बताया कि भाजपा सरकार द्वारा अपने चुनावी वादों को भुला दिया गया है, इससे पहले कई बार ज्ञापन भी सौंपा और अपनी मांगे सरकार के सामने रखी। पर अब तक उस पर कोई कार्यवाही ना करना सरकार की उदासीनता को प्रकट करता है। इसलिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और मुख्य सचिव के नाम जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है।
संघ के मुख्य पदाधिकारी ने बताया कि भाजपा के 2013 के चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार समस्त कर्मचारी अधिकारी को पूर्ण सेवाकाल में चार स्तरीय स्तरीय पदोन्नति वेतनमान देना था मगर सरकार ने ऐसा नहीं किया। इसके अलावा प्राथमिकता के आधार पर राज्य के लिपिक संवर्ग की वेतन विसंगति दूर करने की भी मांग की, साथ ही शिक्षक संवर्ग, स्वास्थ्य संवर्ग सहित तकनीकी एवं कार्यपालिक कर्मचारी संवर्ग सहित राज्य के समस्त संवर्ग की वेतन विसंगतियां भी तत्काल दूर कर सातवें वेतनमान का एरियर प्रदान करते हुए गृह भत्ता सत्ता समेत समस्त भक्तों को 1 जनवरी 2016 से पुनरीक्षित करने की मांग प्रदेश कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने रखी है। इस दौरान उन्होंने
सातवें वेतनमान का लाभ प्रदेश के नगर निगम मंडल के समस्त कर्मचारी एवं पेंशनरों को प्रदान कर केंद्रीय कर्मचारी के समान राज्य के समस्त कर्मचारियों, पेंशनरों को 1 जनवरी 2016 से महंगाई भत्ता प्रदान करने की मांग की है।

जानिये भाजपा ने चुनावी घोषणापत्र के किन वादों को पूरा करने की मांग कर रही है, प्रदेश कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन…

० प्रशासनिक पुनर्गठन के लिए प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग का गठन किया जाएगा।
० अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वेतन विसंगति भर्ती क्रमोन्नति पदोन्नति को युक्तियुक्तकरण करने के लिए आयोग का गठन किया जाएगा।
० अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवाकाल के दौरान कम से कम चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान दिया जाएगा।
० साक्षर भारत योजना अंतर्गत कार्यरत प्रेरकों को शिक्षाकर्मी के भर्ती में प्राथमिकता देने पर विचार किया जाएगा।
० अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाएगा।
० शासकीय शालाओं में या उनके निकट शिक्षकों एवं अन्य शैक्षणिक कर्मचारी हेतु आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा।
० शासकीय कर्मचारियों को 33 वर्ष के सेवाकाल के स्थान पर 25 वर्ष की सेवा अवधि में पूर्ण पेंशन लागू कर दिया जाएगा।
० छत्तीसगढ़ के पेंशनधारियों को छठवां वेतनमान दिए जाएंगे।
०प्रदेश के 13033 प्राथमिक सहकारी समितियों का युक्तियुक्तकरण से पुनर्गठन होगा, ताकि समिति के चारों तरफ से गांव समिति के नजदीक हो जिसमें समिति में लेनदेन करने में उन्हें असुविधा ना हो और ना ही दूरी तय करनी पड़े।

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