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बिलासपुर का सबसे बड़ा खेल घोटाला: फिजिकल कल्चर सोसायटी में चल रहा है लूट का खुला खेल. सोसायटी के अध्यक्ष हैं सारांश मित्तर

 वरिष्ठ पत्रकार शशांक दुबे की कलम से…

बिलासपुर में खेल को कल्चर के रूप में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 1958 में फिजिकल कल्चर सोसाइटी बनी तब इसके चेयरमैन कलेक्टर बनाए गए। उस समय बिलासपुर कलेक्टर एनएस वर्मा बने। सचिव ए. एल. पांडे प्रिंसिपल एसबीआर कॉलेज थे। ज्वाइंट सेक्रेट्री के रूप में सीएम ओत्तलवार, तथा जेपी श्रीवास्तव इस कमेटी में बतौर स्थाई मेंबर गणेश राम आनंद मंत्री मध्यप्रदेश शासन,  मथुरा प्रसाद दुबे मंत्री मध्य प्रदेश शासन, राजा नरेश चंद्र सिंह मंत्री मध्यप्रदेश शासन थे। साथ ही ज्वाइंट सेक्रेट्री के रूप में नागेश्वर राव का नाम भी था/ फिजिकल कल्चर सोसायटी का पंजीयन ग्वालियर में हुआ; क्योंकि उस समय इस विभाग का पंजीयन अधिकारी ग्वालियर में ही बैठता था । 1958 से 2022 एक लंबा काल है और 1970 के बाद इस सोसाइटी में भ्रष्टाचार के कीड़े घुस गए। सोसाइटी के आड़ में अवसरवादी नेता कब-कब घुसे और कैसे घुसे रघुराज स्टेडियम का व्यवसायीकरण निजी लाभ के लिए हुआ/ किस तरह अवसरवादियों ने शासन के खजाने को खेलकूद गतिविधियों के नाम पर लूटा । एक ऐसी सोसायटी जिसका चेयरमैन कलेक्टर होता है, कभी उसे साथ रखकर, तो कभी उसके पीठ के पीछे कैसे रघुराज स्टेडियम के चारों ओर बनी दुकानों का मूल आवंटनकर्ताओं ने 50 से ₹60000 प्रति माह किराए पर दिया और अपना खजाना भरा/ कैसे इस लूट में कांग्रेसी, भाजपाई , जनसंघी, वामपंथी साहित्यकार, समाजसेवी, सहकारी नेता एक साथ लूट तंत्र के अगुआ बन गए /हम परत दर परत खोलेंगे सोसाइटी के 550 कागज…
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