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ठोस कदम आने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगी जारी, मनरेगा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए बार-बार समिति का गठन पर नतीजा सिफर- चंद्रशेखर

 

रायपुर। मनरेगा कर्मियों के 2 सूत्री मांगों को लेकर 4 अप्रेल से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है, इसी बीच राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मनरेगा कर्मचारियों की 2 सूत्रीय मांग पर विचार करने के लिए समिति का गठन किया गया है। जिसकी अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव के द्वारा की जाएगी, जिसमें 7 सदस्य रहेंगे। समिति के गठन होने के बाद छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर अग्निवंशी का कहना है जब तक कोई ठोस कदम सरकार कर्मचारियों के हित में नही उठाती तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

नियमितीकरण की मांग को लेकर 29 अप्रैल को मनरेगा महासंघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात भी की थी। मुलाकात के बाद दंतेवाड़ा से चल रही दांडी यात्रा को 4 मई की जगह पर 30 अप्रैल को रायपुर में समाप्त करने की घोषणा महासंघ ने की, किंतु शासन द्वारा मनरेगा कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाएं जाने के कारण महासंघ के द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी गई।

कई बार कमेटी का गठन नतीजा सिफर

मनरेगा की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान राज्य शासन द्वारा कमेटी का गठन किया गया है यह कोई पहली बार नहीं किया गया है इसके पहले भी कमेटी का गठन हो चुका है यह कमेटी अलग-अलग अधिकारियों की अध्यक्षता में बनाई गई, लेकिन नतीजा आज तक इन कमेटियों का सिफर ही रहा है। प्रतिवेदन के आधार पर ना अब तक नियमितीकरण मिला है ना कोई ठोस कदम राज्य सरकार के द्वारा उठाया गया है जिससे कर्मचारियों में रोष की स्थिति बनी हुई है पिछले लगभग 1 माह से अनिश्चितकालीन हड़ताल इसी वजह से मनरेगा के कर्मचारियों की हड़ताल जारी है।

 मनरेगा कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 7 जनवरी 2014 को लंबे समय से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी संविदा पर कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को शासन ने विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती में प्राथमिकता देने की प्रक्रिया शुरू की थी। सामान्य प्रशासन विभाग सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन हुआ था, लेकिन आज पर्यंत तक कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया।

  पदाधिकारियों ने कहा कि 8 मार्च 2019 को अपर मुख्य सचिव गृह विभाग की अध्यक्षता में संविदा कर्मचारियों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन जिसे निरस्त करते हुए 11 दिसंबर 2019 को प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग की अध्यक्षता में पुनः समिति का गठन किया गया लेकिन अब तक समिति के द्वारा क्या निर्णय दिया गया है, इसकी जानकारी प्राप्त नहीं हुई।

• 23 अक्टूबर 2020 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा अमलों के नियमितीकरण संबंधी नियमों तथा इत्यादि का परीक्षण करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था समिति को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ की अध्यक्षता में बनाया गया था और जिसे पत्र प्राप्ति के 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया था लेकिन एनएचएम के पदाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार आज पर्यंत तक नियमितीकरण को लेकर प्रतिवेदन अप्राप्त है।

विधानसभा में पूछा गया था प्रश्न

विधानसभा 8 मार्च 2022 को सदन में प्रश्न पूछा गया था कि संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण को लेकर जो कमेटी तैयार की गई है उसमें कर्मचारियों को कब तक नियमित किया जाएगा। इस पर माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ने सदन पटल को जानकारी दी थी कि समिति की बैठक 9 जनवरी 2020 को संपन्न हुई थी बैठक के उपरांत सभी जिलों से दैनिक वेतन भोगी, संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई थी। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया था कि समिति को यथाशीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है । संघ पदाधिकारियों कहना है कि अब तक नियमितीकरण को लेकर इस संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त नहीं हुई। हड़ताल के बाद जरूर 6 मई को कमेटी का गठन किया गया है लेकिन जब तक कोई ठोस कदम सरकार कर्मचारियों के लिए नहीं उठाती है तब तक हड़ताल अनिश्चितकालीन तक जारी रहेगी।

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