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तखतपुर क्षेत्र के घुटकू गांव में प्रस्तावित कोलवाशरी के खिलाफ ग्रामीण लामबंद, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन…..

बिलासपुर। तखतपुर क्षेत्र के ग्राम घुटकू में प्रस्तावित मेसर्स पारस पावर एंड कोल बेनिफिएशन लिमिटेड के खिलाफ ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। उन्होंने गांव में एक बैठक आयोजित कर कोलवाशरी की स्थापना से होने वाले दुष्परिणामों की समीक्षा की। वहीं कोलवाशरी लगाने के लिए पंचायत से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र की जांच कराने पर सहमति बनी। उन्होंने विभिन्न मुद्दांे से संबंधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा है।
तखतपुर क्षेत्र के ग्राम घुटकू में मेसर्स पारस पावर एंड कोल बेनिफिएशन लिमिटेड प्रस्तावित है। इसकी सूचना अखबार में प्रकाशित हुई थी। इस आधार पर गांव के किसान व मजदूरों की एक बैठक हुई, जिसमें प्रस्तावित कोलवाशरी स्थापना का विरोध किया गया। बैठक में कहा गया कि जिस स्थान पर कोलवाशरी प्रस्तावित है, वह कई आबादी गांवों से काफी करीब है। कोलवाशरी स्थापित होने से लोगों के जन-जीवन पर प्रभाव पड़ेगा। वहीं जल व फसलें प्रभावित होगी। बैठक में कहा गया कि प्रस्तावित कोलवाशरी के लिए अलग से कोई सड़क नहीं है। आसपास गांव व स्कूल है। भारी वाहनों के चलने से दुर्घटना सहित कई तरह की समस्या होगी। प्रशासन के दबाव व पैसों के दम पर ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल कर लिया गया है। उन्होंने जनसुनवाई से पहले एक कमेटी बनाकर अनापत्ति प्रमाण पत्र की जांच कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामसभा बुलाकर इसकी कार्रवाई पूरी की जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि कंपनी द्वारा पर्यावरण सुनवाई के आवेदन के 45 दिनों के भीतर जनसुनवाई होनी चाहिए, जो समय-सीमा में नहीं होती। 10 किमी क्षेत्र के सभी गांवों में पर्यावरण मूल्यांकन रिपोर्ट पढ़ने के लिए सभी गांवों में रखी जानी चाहिए, जो नहीं किया गया है। बैठक में कहा गया कि पर्यावरण मूल्यांकन रिपोर्ट को विभाग ईआईए रिपोर्ट मूल्यांकन रिपोर्ट परिणामों से ग्रामीण अनभिज्ञ हैं, जिससे जानना उनका अधिकार है। इससे उन्हें वंचित रखा गया है। पर्यावरण मूल्यांकन रिपोर्ट स्थानीय भाषा हिंदी व अंग्रेजी में होना चाहिए, ताकि लोगों को समझने में आसानी हो। कोलवाशरी के दुष्परिणामों की व्यापक जानकारी नहीं दी गई है, जो नियम विरूद्ध है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि जब तक कोलवाशरी के लिए अलग रोड व वेस्ट केमिकल ंशमन का प्रावधान न हो जाए, तब तक कोलवाशरी लगाने की अनुमति न दी जाए।

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