ब्रेकिंग
बिलासपुर: कार्य की धीमी गति पर कंपनी के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी की जानी चाहिए थी कार्यवाही, स... बिलासपुर: महादेव और रेड्डी अन्ना बुक के सटोरियों पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही बिलासपुर: जूनी लाइन स्थित सुरुचि रेस्टोरेंट के पास रहने वाले कृष्ण कुमार वर्मा के बड़े बेटे श्रीकांत ... बिलासपुर में UP65/ EC- 4488 नँबर की कार से जब्त हुए 5 लाख नकद बिलासपुर: सदभाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़ की बैठक में संगठन की मजबूती पर चर्चा बिलासपुर: शैलेश, अर्जुन, रामशरण और विजय ने कहा- पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के कार्यकाल में भाजपा के पू... बिलासपुर: मुफ्त वैक्सीन के लिए अब केवल 7 दिन शेष, कलेक्टर ने की अपील, सभी लगवा लें टीका बिलासपुर: मोपका और चिल्हाटी के 845/1/न, 845/1/झ, 1859/1, 224/380, 1053/1 खसरा नँबरों की शासकीय भूमि ... बिलासपुर: क्या अमर अग्रवाल की बातों को गंभीरता से लेंगे कलेक्टर सौरभ कुमार? नेहरू चौक में लगी थी राज... बिलासपुर: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा नर्सिंग और गैर नर्सिंग स्टाफ़ के व्यक्तित्व विकास एवं कम्...

छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्ज दिलाने हम सब मिलकर प्रयास करेंगे-मुख्यमंत्री

बिलासपुर । पद्मश्री स्व. श्यामलाल चतुर्वेदी का सपना था कि छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा मिले और आठवीं अनुसूची में यह भाषा शामिल हो। उनके इस सपने को पूरा करने के लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज स्व. श्यामलाल चतुर्वेदी के निवास स्थान पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री ने उनके निवास स्थान पर जाकर स्व. चतुर्वेदी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि श्री चतुर्वेदी ने जीवन भर छत्तीसगढ़ी भाषा व छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा की। छत्तीसगढ़ी मीठी भाषा है और स्व. चतुर्वेदी पुराने से पुराने शब्दों को पीरोकर इस गुरतुर भाषा का प्रयोग करते थे।

उनके परिजनों के आग्रह पर बघेल ने चितले काॅलोनी जहां स्व. श्री चतुर्वेदी निवास करते थे उसके प्रवेश द्वार का नाम उनके नाम करने हेतु प्रस्ताव बनाकर भेजने कहा।

इस अवसर पर तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि सिंह, स्व. चतुर्वेदी के पुत्र शशिकांत चतुर्वेदी और सूर्यकांत चतुर्वेदी तथा अन्य परिजन उपस्थित थे।   

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9977679772