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सीएम ने सर्किट हाउस में कांफ्रेंस के दौरान कलेक्टर और एसपी की लगाई क्लास


रायपुर /छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा जीतकर जब से मुख्यमंत्री का पदभार भूपेश बघेल ने संभाला है तभी से एक्शन में हैं। मंगलवार को राजधानी के सर्किट हाउस में आज तय समय से सुबह 11 बजे कलेक्टर, एसपी कांफ्रेंस शुरू हुआ।यहां सीेएम ने कलेक्टरों की क्लास लगा दी।  उन्होंने कलेक्टरों से सवाल किया कि आईएएस पर से आईआरएस हटा दिया हूं, कैसा लग रहा है और अब तो मुख्यमंत्री फेलो भी हट गए हैं, इस सवाल पर किसी ने कोई रिप्लाई देने की जहमत नहीं उठाई। सीएम के इस सवाल पर सर्किट हाउस के हॉल में सन्नाटा पसर गया। मौका देखते ही सीएम ने तुरंत कहा कि ऐसा लग रहा है मानो अधिकारी पिछली सरकार से अभी भी डर रहेे हैं। खास बात है कि ईआरएस से सीएम का इशारा साफ तौर पर रमन सिंह के सेक्रेट्री अमन सिंह की ओर था। 

सीएम ने कलेक्टर्स और एसपी की नाकामियों पर किया कटाक्ष

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीएम ने भाषण की शुरूआत में ही कलेक्टर्स, एसपी की नाकामियों पर कटाक्ष करते हुए कह दिया कि तहसील, थाने लेवल के जो काम कलेक्टर, एसडीएम, एसपी और थानेदार को देखना चाहिए, वह मेरे पास आ रहा है। डीएमएफ की बंदरबाट पर भी सीएम ने कलेक्टररों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, डीएमएफ ठेकेदारों के लिए नहीं है। इस पैसे से ठेकेदारों को उपकृत न करें। डीएमएफ के फिजूलखर्ची को आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इसका सही उपयोग नहीं हो पा रहा। इस पैसे बड़ी बिल्डिंग बनाने से कोई फायदा नहीं होगा। इस राशि से टीचर, डाक्टर अपाइंट करेंगे तो बेहतर होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमएफ माईनिंग प्रभावित लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए, उनके कल्याण के लिए है न कि ठेकेदारों के लिए। उन्होंने कहा कि इस पैसे को इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च न करें।

कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद

गौरतलब है कि कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री के अलावा चीफ सिकरेट्री सुनील कुजूर, डीजीपी डीएम अवस्थी, एसीएस फॉरेस्ट सीके खेतान, एसीसी पंचायत एवं गृह आरपी मंडल, एसीएस कृषि केडीपी राव, एसीएस फायनेंस एवं वाणिज्य, उद्योग अमिताभ जैन, सिकरेट्री टू सीएम गौरव द्विवेदी, खुफिया चीफ संजय पिल्ले समेत मंत्रालय के विभिन्न विभागों के सिकरेट्री समेत 27 जिलों के कलेक्टर, एसपी और आईजी शामिल हैं।

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