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प्ले स्कूल जैसी होगी आंगनबाड़ी…..

राजनांदगांव /आंगनबाड़ी के बच्चों को स्लेट दी जाएगी। आंगनबाड़ी प्ले स्कूल जैसी होगी। इससे बच्चों में शुरूआती वर्षों में ही रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के संबंध में विस्तार से जानकारी कलेक्टर भीम सिंह ने प्रभारी सचिव एम.के. त्यागी को दी। उन्होंने बताया कि बच्चे के सबसे शुरूआती वर्षों में सीखने की क्षमता और जिज्ञासा सर्वाधिक होती है। प्ले स्कूल इसी तरह रचनात्मकता को बढ़ाते हैं। आंगनबाड़ी को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के साथ ही बच्चों की रचनात्मकता के बहुआयामी विस्तार के लिए उपयोग में लाया जा सकेगा।
    

श्री त्यागी ने कहा कि ऐसा प्रोजेक्ट आने से प्रायमरी एजुकेशन में बच्चों को अक्षर ज्ञान में अधिक दिक्कत नहीं होगी। साथ ही वो अधिक गहराई से अपने पाठ समझ सकेंगे। श्री त्यागी ने बताया कि सिलेबस के अलावा भी बच्चों की जागरूकता का स्तर बढ़ाना जरूरी है। उनमें सीखने की ललक पैदा करना जरूरी है।

कलेक्टर ने बताया कि बच्चों की भाषा में बुनियादी समझ विकसित हो तथा वे गणित की बुनियादी संक्रियाओं को हल कर सके, इसके लिए संपर्क किट पर काम हो रहा है तथा संपर्क किट के क्रियान्वयन में राजनांदगांव जिला पहले स्थान पर है।

कलेक्टर ने बताया कि स्कूल शिक्षा में गुणवŸाा लाने के लिए प्रभारी अधिकारियों को भी नियुक्त किया गया है वे स्कूलों का भ्रमण करते हैं तथा यहाँ की गुणवŸाा के संबंध में रिपोर्ट देते हैं।

जिला पंचायत सीईओ चंदन कुमार ने बताया कि बच्चों का लेखन बेहतर हो, भाषा की समझ बढ़े, इसके लिए नियमित रूप से टेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। इसका अच्छा लाभ मिल रहा है। कलेक्टर नियमित रूप से टेस्ट के नतीजों की समीक्षा करते हैं। यह समीक्षा विषयवार होती है इससे बच्चों के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है।

कलेक्टर ने बताया कि जिन स्कूलों के कमजोर नतीजे रहे हैं। उनमें स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

प्रभारी सचिव ने कहा कि यह अच्छी बात है कि अधिकारी अपने मूल दायित्वों के अलावा दौरों के वक्त स्कूल के निरीक्षण में भी अपना समय लगा रहे हैं। यह प्रशंसा का विषय है। उन्होंने कहा कि बच्चों में जागरूकता का स्तर बढ़ाने नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम हों, क्विज का आयोजन हो। इससे बच्चा अपने परिवेश के अलावा देश-दुनिया में हो रही घटनाओं के प्रति जागरूक हो ताकि तेजी से बदलते वक्त के साथ कदमताल करने हमारे बच्चे भी तैयार हो सकें।

इस मौके पर अपर कलेक्टर जेके ध्रुव, डीएफओ मोहम्मद शाहिद एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मेन रोड के किनारे सभी हाईस्कूलों एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में बनाई जाएगी बाउंड्रीवॉल –
    

प्रभारी सचिव ने कहा कि चरणबद्ध रूप से सभी हाईस्कूलों एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में बाउंड्रीवॉल बनाई जाएंगी। सबसे पहले उन हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी जो ऐसी सड़क के किनारे हों जहाँ ट्रैफिक का दबाव काफी ज्यादा हो।

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