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केंद्रीय विश्वविद्यालय में रोगों की पहचान एवं वर्गीकरण का अध्ययन


बिलासपुर। केन्द्रीय विश्वविद्यालय की अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में मशीन लर्निंग तकनीक द्वारा नये मरीजों के रोगों की पहचान एवं वर्गीकरण का अध्ययन किया जा रहा है। कंप्यूटर विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक निशांत बेहार इस विषय पर शोध कर रहे हैं। शोध निर्देशक डॉ. मनीष श्रीवास्तव, सहायक प्राध्यापक, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग हैं।स्वस्थ शरीर अच्छी जीवन शैली के लिए अमूल्य धरोहर की तरह है किन्तु समय-समय पर कई प्रकार की गंभीर एवं जानलेवा बीमारियां होती रहती हैं। जो मानव जीवन के लिए खतरा है ऐसी बीमारियों में कैंसर व ह्दय संबंधी रोग प्रमुख रूप से शामिल हैं। ऐसी बीमारियों का उचित समय में पहचान होना जरूरी है, ताकि त्वरित उपचार की प्रक्रिया प्रारंभ हो सके।

समय-समय पर उपचार प्राप्त होने से न सिर्फ क्षति कम होगी वरन बीमारी पर प्रभावशील नियंत्रण भी किया जा सकता है। अत बीमारियों को शीघ्रता के साथ पहचानने में कंप्यूटर का उपयोग महत्वपूर्ण है। देश-विदेश के विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कराने वाले संगठनों द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े शोध के लिए इंटरनेट पर उपलब्ध कराये जाते हैं। इन आंकड़ों का उपयोग शोध में विभिन्न परीक्षणों के लिए किया जा रहा है। इस शोध में मशीन लर्निंग द्वारा मॉडल निर्मित करना है, जिससे उपलब्ध लक्षणों के आधार पर नवीन मरीज के लक्षणों की अधिक सटीक पहचान की जा सके। इस पर निशांत बेहार द्वारा किए जा रहे शोध का शीर्षक है- ‘‘माइनिंग ऑफ हेल्थ केयर डाटा यूजिंग मशीन लर्निंग टेक्निक्स फॉर इफेक्टिव डिजीज क्लासीफिकेशन‘‘।

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