ब्रेकिंग
बिलासपुर: महादेव और रेड्डी अन्ना बुक के सटोरियों पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही बिलासपुर: जूनी लाइन स्थित सुरुचि रेस्टोरेंट के पास रहने वाले कृष्ण कुमार वर्मा के बड़े बेटे श्रीकांत ... बिलासपुर में UP65/ EC- 4488 नँबर की कार से जब्त हुए 5 लाख नकद बिलासपुर: सदभाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़ की बैठक में संगठन की मजबूती पर चर्चा बिलासपुर: शैलेश, अर्जुन, रामशरण और विजय ने कहा- पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के कार्यकाल में भाजपा के पू... बिलासपुर: मुफ्त वैक्सीन के लिए अब केवल 7 दिन शेष, कलेक्टर ने की अपील, सभी लगवा लें टीका बिलासपुर: मोपका और चिल्हाटी के 845/1/न, 845/1/झ, 1859/1, 224/380, 1053/1 खसरा नँबरों की शासकीय भूमि ... बिलासपुर: क्या अमर अग्रवाल की बातों को गंभीरता से लेंगे कलेक्टर सौरभ कुमार? नेहरू चौक में लगी थी राज... बिलासपुर: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा नर्सिंग और गैर नर्सिंग स्टाफ़ के व्यक्तित्व विकास एवं कम्... बिलासपुर: गौरांग बोबड़े हत्याकांड के आरोपी रहे किशुंक अग्रवाल के पास से जब्त हुए 20 लाख

छात्रा की मौत का जिम्मेदार कौन ? स्थानीय नेतृत्व की क्षमता पर उठ रहे सवाल

बिलासपुर। चुनावी सड़क बनाने के काम में जुटी हाइवा वाहन ने यातायात नियमों का उलंघन किया और विपरीत दिशा में जाने लगी, इस दौरान सही दिशा से आने वाली साइकिल सवार छात्रा को इस गाड़ी ने कुचल दिया। यह घटना हृदयविदारक थी, जिसने यहां मौजूद लोगों का दिल दहला दिया पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार किया। टिकरापारा निवासी शालिनी पासवान सीएमडी चौक के आकाश इंस्टीट्यूट में कोचिंग के लिए आई थी, यहां से अपने घर जाने के लिए साइकिल पर निकली, इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे एक कैप्सूल हाइवा गाड़ी सीजी-10, एएल-7443 के चालक ने उसे रौंद दिया। हादसे में तत्काल लोगों की मौत हो गई। घटना से बौखलाये लोगों ने तारबाहर थाना घेरा कुछ देर बाद कांग्रेस नेता भी वहां पहुंचे और लिखित में शिकायत दी।
यहां सबसे बड़ा प्रश्न उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ ? क्यों एक मासूम छात्रा को अपनी जान गंवानी पड़ी वह भी एक ड्राइवर की बड़ी लापरवाही की वजह से। यहां एक बात याद आती है कि जब आप दो मिनट के लिए गलत साइड पर गाड़ी पार्क कर देते हैं और उसे यातायात पुलिस सीज कर देती है आप पर चालान ठोक देती है। कुछ लोगों ने इसके लिए स्थानीय नेतृत्व पर दोष दिया है, लोगों ने बताया कि यह शहर में कोई नई बात नहीं है। सरकारी कामकाज के लिए कोई भी सरकारी नियमों को तोड़ दिया जाता है। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती। स्थानीय नेतृत्व ने ऐसे असामाजिक तत्व व अन्य को शह दे कर रखा है, वह जो कुछ भी करते हैं सब ठीक रहता है। लोगों ने बताया कि सीवरेज ने पहले ही उनके ज़ख्म बढ़ा दिए हैं शहर की सड़कों में चलना मुश्किल हो गया है। कब कहां की सड़क धंस जाए और किसकी जान की बलि चढ़ जाए कोई भरोसा नहीं?
कुछ लोगों ने कहा की सड़के अभी क्यों बनाई जा रही है। विगत 5 साल के कार्यकाल में जब चुनाव नजदीक होता है, तभी सड़कों में लीपापोती क्यों की जाती है। उन्होंने बताया कि शहर में लगातार यहां वहां सड़कों के ऊपर चादर बिछाई जा रही है। काम भी भयानक लापरवाही से किया जा रहा है। इसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। ऐसी घटनाओं से स्थानीय नेतृत्व की अक्षमता, गैरजिम्मेदाराना रवैया समझ में आता है, कुछ लोगों ने स्थानीय नेतृत्व पर अपनी ही विलासिता में जीवन जीने व अपने लोगों में मेवा रबड़ी बांटने का आरोप लगाया और कहा कि वे केवल अपने से जुड़े लोगों की ही सुनवाई करते हैं बाकी ऐसी घटनाओं पर पर्दा डालने की साजिश यहां की राजनीतिक फिजाओं में घुल सी गयी है।
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9977679772